Yug Decor Limited ने अपनी बोर्ड मीटिंग में कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए Rights Issue लाने की मंज़ूरी दे दी है। कंपनी ने एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में बताया कि यह इश्यू अधिकतम ₹6.5 करोड़ तक का होगा (फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर)। Rights Issue की कीमत, रिकॉर्ड डेट, रेशियो और भुगतान से जुड़े सभी विवरण कंपनी बाद में जारी करेगी।
बोर्ड ने इस प्रस्तावित इश्यू के लिए आवश्यक इंटरमीडियरीज़ की नियुक्ति भी कर दी है। ये निर्णय 27 November 2025 को हुई बोर्ड मीटिंग में लिए गए, जो 12:00 PM पर शुरू होकर 1:50 PM पर समाप्त हुई।
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Yug Decor Limited एक पेंट्स और कोटिंग्स से जुड़ी कंपनी है, जिसका कारोबार इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर सहित कई क्षेत्रों में फैला है। कंपनी बीएसई पर 540550 स्क्रिप कोड के तहत लिस्टेड है। मार्केट में इसका आकार अपेक्षाकृत छोटा है और इसका वर्तमान मार्केट कैप लगभग ₹29.78 करोड़ के आसपास है।
Rights Issue जैसे कदम आमतौर पर छोटी कंपनियों द्वारा विस्तार योजनाओं, कार्यशील पूंजी की जरूरतों या बैलेंस शीट को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए जाते हैं।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Yug Decor ने पिछले तिमाही में लगभग ₹–0.07 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार कंपनी में Promoters की हिस्सेदारी 64.97% और Public Shareholding 35.03% है, जो यह दिखाता है कि नियंत्रण अभी भी बड़े पैमाने पर प्रमोटर्स के पास है।
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Rights Issue का मूल सिद्धांत समझना भी निवेशकों के लिए सहायक होता है। इसमें कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को रियायती कीमत पर अतिरिक्त शेयर खरीदने का अधिकार देती है। इसका उद्देश्य नए निवेशकों को शामिल किए बिना कंपनी के भीतर से पूंजी जुटाना होता है। Rights Issue में शेयरहोल्डर्स के पास तीन विकल्प होते हैं – वे अपने हक के शेयर लेकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं, इस अधिकार को बेच सकते हैं, या इसे त्याग सकते हैं। इस प्रक्रिया में कंपनी की कुल शेयर कैपिटल बढ़ती है, लेकिन मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक अवसर भी होता है कि वे डिस्काउंट पर शेयर लेकर भविष्य में संभावित मूल्यवृद्धि का लाभ उठा सकें।
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग एडवाइस न समझें। शेयर मार्केट में पैसा लगाना जोखिम भरा होता है, इसलिए कोई भी फाइनेंशियल डिसीजन लेने से पहले किसी प्रोफेशनल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। किसी भी प्रॉफिट या लॉस के लिए लेखक या प्लेटफॉर्म ज़िम्मेदार नहीं होगा। यह प्लेटफॉर्म भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्राप्त Right to Freedom of Speech and Expression का पालन करते हुए केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कंपनी समाचार और फाइलिंग्स को आगे साझा करने का कार्य करता है।