Waaree Energies Limited की wholly-owned subsidiary Waaree Solar Americas को 05 December 2025 को एक नया इंटरनेशनल ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 288 MW सोलर मॉड्यूल FY 2026-27 में सप्लाई करने हैं। यह ऑर्डर एक ऐसी प्रतिष्ठित USA-आधारित कंपनी ने दिया है जो बड़े पैमाने पर यूटिलिटी-स्केल सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को डिवेलप और ऑपरेट करती है। कंपनी ने यह जानकारी BSE और NSE को SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत दी है।
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ऑर्डर में क्या काम होगा?
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत Waaree Solar Americas को 288 MW क्षमता वाले सोलर मॉड्यूल सप्लाई करने हैं। यह एक one-time order है और पूरी सप्लाई FY 2026-27 के भीतर पूरी की जाएगी। मॉड्यूल्स का उपयोग ग्राहक अमेरिका में अपने बड़े सोलर और स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में करेगा। कंपनी ने फाइलिंग में स्पष्ट बताया है कि ऑर्डर सिर्फ मॉड्यूल सप्लाई तक सीमित है और इसमें इंस्टॉलेशन या EPC से जुड़ा कोई अन्य काम शामिल नहीं है।
रेग्युलेटरी और फाइनेंशियल डिटेल्स
Waaree Energies ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई कॉरपोरेट फाइलिंग में बताया कि यह ऑर्डर एक international entity से आया है। फाइलिंग में ब्रॉड कंसिडरेशन के रूप में “Supply of 288 MW Solar Modules” का जिक्र किया गया है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली एंटिटी में न तो कंपनी के promoters, न promoter group और न ही group companies की कोई हिस्सेदारी या इंट्रेस्ट है। इसी वजह से यह related party transaction की श्रेणी में नहीं आता। कंपनी ने कहा कि सभी जानकारी SEBI के नियमों के मुताबिक एक्सचेंज पर डिस्क्लोज़ की गई है।
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आम भाषा में कॉन्सेप्ट समझें
Regulation 30 का मतलब यह होता है कि जब किसी लिस्टेड कंपनी को कोई बड़ा ऑर्डर मिलता है, कोई नया कॉन्ट्रैक्ट साइन होता है या ऐसा कोई महत्वपूर्ण इवेंट होता है जिससे कंपनी के बिज़नेस या भविष्य पर असर पड़ सकता है, तो उसे तुरंत स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करना होता है। इसका उद्देश्य यह है कि सभी शेयरहोल्डर्स और निवेशकों तक समान सूचना पहुंचे।
वहीं related party transaction वह स्थिति होती है जब कोई कॉन्ट्रैक्ट कंपनी और उसके promoters या उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों के बीच होता है, लेकिन Waaree Energies ने स्पष्ट किया है कि इस ऑर्डर में ऐसा कोई संबंध नहीं है।
कंपनी का बैकग्राउंड
Waaree Energies भारत की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में एक प्रमुख कंपनी है। कंपनी का IPO 2024 में आया था और तब से यह तेजी से अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार का विस्तार कर रही है। Waaree बड़े यूटिलिटी-स्केल प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल सप्लाई, EPC सॉल्यूशंस और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े कई प्रोडक्ट्स बनाती है।
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग एडवाइस न समझें। शेयर मार्केट में पैसा लगाना जोखिम भरा होता है, इसलिए कोई भी फाइनेंशियल डिसीजन लेने से पहले किसी प्रोफेशनल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। किसी भी प्रॉफिट या लॉस के लिए लेखक या प्लेटफॉर्म ज़िम्मेदार नहीं होगा। यह प्लेटफॉर्म भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्राप्त Right to Freedom of Speech and Expression का पालन करते हुए केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कंपनी समाचार और फाइलिंग्स को आगे साझा करने का कार्य करता है।