Excelsoft Technologies Limited ने 26 November 2025 को शेयर बाज़ार में प्रभावशाली शुरुआत की। कंपनी के इक्विटी शेयर BSE पर ‘‘B’’ Group Securities में Scrip Code 544617 के तहत शामिल किए गए और उसी दिन इसके IPO की लिस्टिंग ने निवेशकों की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया। BSE की 25 November 2025 की नोटिस में ट्रेडिंग सदस्यों को इसकी औपचारिक जानकारी दी गई थी।
‘‘B’’ Group में शामिल होने का मतलब यह है कि Excelsoft अभी उन कंपनियों की कैटेगरी में है जिनके शेयर नियमित रूप से ट्रेड होते हैं, लेकिन वे BSE के बड़े और उच्च-लिक्विडिटी वाले ‘‘A’’ Group में नहीं आते। यह वर्गीकरण सिर्फ ट्रेडिंग व्यवहार के आधार पर किया जाता है और इसका कंपनी के प्रदर्शन, वैल्यू या व्यवसायिक स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। B Group के शेयर सामान्य बाजार नियमों के तहत चलायमान रहते हैं और इनके लिए वही सेटलमेंट और सर्किट लिमिट लागू होते हैं जो अधिकांश मिड-सेगमेंट कंपनियों पर लागू होते हैं।
Excelsoft Technologies एक global vertical SaaS कंपनी है जो ई-लर्निंग, डिजिटल कंटेंट, असेसमेंट टेक्नोलॉजी और शैक्षिक सॉल्यूशंस प्रदान करती है। कंपनी के उत्पाद और प्लेटफॉर्म दुनिया के कई देशों में उपयोग किए जाते हैं और इसका फोकस शिक्षा तथा कॉर्पोरेट ट्रेनिंग के लिए डिजिटल समाधानों पर है। बढ़ती डिजिटल एड-टेक मांग के बीच कंपनी की लिस्टिंग को बाज़ार में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग ₹135 प्रति शेयर के भाव पर हुई, जो कि ₹120 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 12.5 प्रतिशत का प्रीमियम है। लेख लिखते समय इनकी कीमत ₹128.95 थी। दिन के दौरान स्टॉक में मजबूती दिखाई दी और यह BSE पर ₹142.65 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। यह प्रदर्शन उस Grey Market Premium (GMP) से काफी बेहतर रहा जो लिस्टिंग से एक दिन पहले मात्र ₹5 से ₹8 के बीच था। GMP के आधार पर बाजार ₹125 से ₹128 की लिस्टिंग की उम्मीद कर रहा था, लेकिन वास्तविक ओपनिंग ने बाज़ार भावना को सकारात्मक रूप से चौंकाया।
IPO का आकार कुल ₹500 crore था, जिसमें ₹180 crore का fresh issue और ₹320 crore का Offer for Sale (OFS) शामिल था। Fresh issue से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार, नए उत्पाद विकास और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए करेगी, जबकि OFS के माध्यम से प्रमोटर Pedanta Technologies ने आंशिक हिस्सेदारी बेची। IPO को निवेशकों ने काफी उत्साह के साथ सब्सक्राइब किया था और यह कुल मिलाकर 45 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब हुआ, जिसने लिस्टिंग दिवस पर शेयर के मजबूत प्रदर्शन की पृष्ठभूमि तैयार की।
लिस्टिंग के शुरुआती हफ्तों में शेयर सप्लाई पर असर डालने वाला एक महत्वपूर्ण पहलू Anchor Investors का lock-in है। इनकी हिस्सेदारी दो चरणों में अनलॉक होती है। कुल आवंटित शेयरों में से आधे 30 दिनों तक लॉक रहते हैं और 24 December 2025 के आसपास ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। बाकी 50 प्रतिशत शेयर 90 दिनों के लिए लॉक रहते हैं और लगभग 22 February 2026 को बाज़ार में आएंगे। इस संरचना का उद्देश्य शुरुआती ट्रेडिंग दिनों में अतिरिक्त सप्लाई से स्टॉक की कीमत में अस्थिरता को कम करना है।
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग एडवाइस न समझें। शेयर मार्केट में पैसा लगाना जोखिम भरा होता है, इसलिए कोई भी फाइनेंशियल डिसीजन लेने से पहले किसी प्रोफेशनल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। किसी भी प्रॉफिट या लॉस के लिए लेखक या प्लेटफॉर्म ज़िम्मेदार नहीं होगा। यह प्लेटफॉर्म भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्राप्त Right to Freedom of Speech and Expression का पालन करते हुए केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कंपनी समाचार और फाइलिंग्स को आगे साझा करने का कार्य करता है।