eClerx Services Limited ने बताया है कि कंपनी की Buy Back Committee ने 05 December 2025 को पास किए गए सर्कुलर रेज़ॉल्यूशन के जरिए Buyback से जुड़ी कई अहम तारीखों और प्रक्रियाओं को फाइनल कर दिया है। कंपनी पहले ही October 24, 2025 और December 5, 2025 की अपनी डिस्क्लोज़र में घोषणा कर चुकी है कि वह अधिकतम 666,666 equity shares को वापस खरीदेगी। यह खरीद कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयरों पर की जाएगी, जिसका कुल साइज ₹3000 Million तक होगा।
Buyback प्राइस ₹4,500 प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी ने यह जानकारी NSE और BSE को Regulation 30 और Regulation 42 के तहत दी है।
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Record Date और Eligibility
Buy Back Committee ने 17 December 2025 (Wednesday) को record date घोषित किया है। इस तारीख को जिन शेयरहोल्डर्स के नाम कंपनी के रजिस्टर में होंगे, वही बायबैक में भाग लेने के पात्र माने जाएंगे। इसी आधार पर Letter of Offer और Tender Offer Form भी इन्हीं शेयरहोल्डर्स को भेजे जाएंगे। Record date के बाद शेयरहोल्डर्स की entitlement यानी बायबैक में वे कितने शेयर टेंडर कर सकते हैं, यह भी तय होगा।
Buyback की पूरी Timeline
कंपनी ने बायबैक प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल भी जारी किया है। बायबैक का public announcement 5 December को हुआ और इसका प्रकाशन 6 December 2025 को किया जाएगा। Buyback की opening date है 22 December 2025 (Monday) और closing date होगी 29 December 2025 (Monday)। Tender forms की प्रोसेसिंग 29 December तक पूरी हो जाएगी। Acceptance की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को 1 January 2026 तक दे दी जाएगी, जबकि सेटलमेंट और डिमैट अकाउंट में unaccepted shares की unblocking 2 January 2026 तक पूरी कर दी जाएगी। शेयरों का extinguishment (यानी बायबैक किए गए शेयरों को कंपनी द्वारा स्थायी रूप से हटाना) 13 January 2026 को या उससे पहले पूरा हो जाएगा।
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Buyback क्या होता है?
आसान भाषा में Buyback वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी बाजार में मौजूद अपने शेयरों को वापस खरीदती है। यह आमतौर पर तब किया जाता है जब कंपनी के पास ज़्यादा कैश उपलब्ध हो और वह अपने शेयरहोल्डर्स को किसी रूप में रिटर्न देना चाहती हो। Buyback से शेयरों की संख्या घटती है, जिससे आम तौर पर बचे हुए शेयरों का मूल्य मजबूत हो सकता है।
कंपनी का बैकग्राउंड
eClerx Services Limited IT और KPO सेक्टर में काम करने वाली एक लिस्टेड कंपनी है। यह डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ऑपरेशन्स, ऑटोमेशन और फाइनेंशियल मार्केट्स के लिए प्रोसेस मैनेजमेंट जैसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी के ग्राहक बड़े ग्लोबल ब्रांड्स और फाइनेंशियल संस्थान हैं, जिससे यह भारतीय IT-सर्विसेज इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। Buyback जैसे कदम आमतौर पर तब उठाए जाते हैं जब कंपनी का कैश फ्लो मजबूत हो और वह निवेशकों को अतिरिक्त वैल्यू लौटाना चाहती हो।
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग एडवाइस न समझें। शेयर मार्केट में पैसा लगाना जोखिम भरा होता है, इसलिए कोई भी फाइनेंशियल डिसीजन लेने से पहले किसी प्रोफेशनल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। किसी भी प्रॉफिट या लॉस के लिए लेखक या प्लेटफॉर्म ज़िम्मेदार नहीं होगा। यह प्लेटफॉर्म भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्राप्त Right to Freedom of Speech and Expression का पालन करते हुए केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कंपनी समाचार और फाइलिंग्स को आगे साझा करने का कार्य करता है।