W.S. Industries (India) Ltd ने दिसंबर 2025 Q3 में कमजोर फाइनेंशियल परफॉरमेंस रिपोर्ट की, जहां रेवेन्यू साल-दर-साल तेज गिरा, लेकिन लॉस में बड़ा सुधार दिखा। इसी दौरान बोर्ड ने प्रेफरेंस शेयर्स और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के बड़े रिडेम्प्शन को अप्रूव किया, जिसे प्रेफरेंशियल इक्विटी इश्यू से मिले फंड से किया जाएगा।
कंपनी ने 9,25,000 नॉन-कन्वर्टिबल क्यूम्युलेटिव रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स, फेस वैल्यू ₹100 प्रति शेयर, कुल ₹9.25 करोड़ के रिडेम्प्शन को अप्रूव किया है।
ये शेयर्स Trala Electromech Systems Pvt Ltd के पास हैं और यह रिडेम्प्शन शेयरहोल्डर्स अप्रूवल के बाद फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के तीसरे EGM में 20 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। इन प्रेफरेंस शेयर्स पर कभी डिविडेंड डिक्लेयर नहीं हुआ और इन्वेस्टर ने रिडेम्प्शन डेट तक क्यूम्युलेटिव डिविडेंड एंटाइटलमेंट वेव किया है, अगर रिडेम्प्शन 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाता है।
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कंपनी ने ₹9 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs), फेस वैल्यू ₹10 प्रति डिबेंचर, का पार्टियल रिडेम्प्शन भी अप्रूव किया है। इन NCDs पर इंटरेस्ट रिडेम्प्शन डेट तक ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्ट टर्म्स के अनुसार दिया जाएगा। दोनों रिडेम्प्शन प्रेफरेंशियल इक्विटी इश्यू से मिले प्रोसीड्स से फंड किए जाएंगे, जिससे कंपनी हाई फिक्स्ड ऑब्लिगेशन इंस्ट्रूमेंट्स को कम करने की कोशिश कर रही है।
स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट: रेवेन्यू तेज गिरा, लेकिन लॉस में बड़ा सुधार
31 दिसंबर 2025 को खत्म हुए q3 में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स ₹20.57 करोड़ रहा, जबकि क्यू3 एफवाई25 में यह ₹65.59 करोड़ था, यानी करीब 68.6 प्रतिशत की गिरावट। टोटल इनकम ₹20.77 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹66.46 करोड़ से करीब 68.7 प्रतिशत कम है।
लॉस बिफोर टैक्स ₹2.27 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी पीरियड में ₹3.87 करोड़ लॉस था। टैक्स के बाद कंटिन्यूइंग ऑपरेशन्स से लॉस ₹2.08 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹23.74 करोड़ लॉस से करीब 91 प्रतिशत बेहतर है।
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नौ महीने (अप्रैल से दिसंबर 2025) में कंपनी का रेवेन्यू ₹70.67 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹199.37 करोड़ से करीब 64.6 प्रतिशत कम है। नौ महीने में नेट लॉस ₹0.62 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹13.96 करोड़ लॉस से करीब 95 से 96 प्रतिशत बेहतर है।
मैनेजमेंट ने बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में ₹5.55 करोड़ के पुराने ओवरसीज क्रेडिटर्स और डेब्टर्स को राइट बैक किया गया था, लेकिन रेगुलेटरी अप्रूवल अभी पेंडिंग है। साथ ही पहले क्लेम किया गया लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस एग्जेम्प्शन बाद में टैक्सेबल हो गया था, जिससे पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹16.90 करोड़ का कैपिटल गेंस टैक्स लायबिलिटी बना।
कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट
कंसोलिडेटेड रिजल्ट में, जिसमें WSI Falcon Infra Projects Pvt Ltd और WSI-P&C Verticals Pvt Ltd शामिल हैं, ग्रुप लेवल पर भी समान ट्रेंड दिखा।
क्यू3 एफवाई26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹20.57 करोड़ रहा, जबकि क्यू3 एफवाई25 में ₹65.59 करोड़ था, यानी करीब 68.6 प्रतिशत की गिरावट। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹21.30 करोड़ रही, जिसमें अदर इनकम का योगदान ज्यादा रहा।
कंसोलिडेटेड लॉस आफ्टर टैक्स ₹2.02 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹23.68 करोड़ लॉस से करीब 91.5 प्रतिशत बेहतर है।
नौ महीने में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹70.67 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹199.37 करोड़ से करीब 64.6 प्रतिशत कम है। नौ महीने में कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹0.37 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹16.11 करोड़ लॉस से करीब 97.7 प्रतिशत बेहतर है।
कैपिटल रेजिंग और वॉरंट अपडेट
कंपनी ने जुलाई 2025 में 5,35,120 कन्वर्टिबल वॉरंट्स को इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट किया। अक्टूबर 2025 में 2,25,00,000 कन्वर्टिबल वॉरंट्स जारी किए गए, जिसमें 25 प्रतिशत अपफ्रंट अमाउंट मिला और 20,00,000 इक्विटी शेयर्स अलॉट किए गए। इनसे मिले प्रोसीड्स का इस्तेमाल प्रेफरेंस शेयर्स और NCD रिडेम्प्शन के लिए किया जाएगा।
कंपनी बैकग्राउंड
यह कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रा और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट सेगमेंट में काम करती है। कंपनी प्रोजेक्ट बेस्ड मॉडल पर काम करती है, जहां फाइनल प्रॉफिट और कॉस्ट प्रोजेक्ट कम्प्लीशन और कॉस्ट बजट कंट्रोल पर निर्भर करते हैं। कंपनी लिस्टेड एंटिटी है और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ऑपरेट करती है।
ओवरऑल संकेत
रेवेन्यू में तेज गिरावट दिखी है, लेकिन लॉस में मजबूत सुधार आया है। साथ ही प्रेफरेंस शेयर्स और डिबेंचर्स रिडेम्प्शन प्लान यह संकेत देता है कि कंपनी बैलेंस शीट क्लीनअप और डिलेवरेजिंग पर फोकस कर रही है।
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग एडवाइस न समझें। शेयर मार्केट में पैसा लगाना जोखिम भरा होता है, इसलिए कोई भी फाइनेंशियल डिसीजन लेने से पहले किसी प्रोफेशनल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। किसी भी प्रॉफिट या लॉस के लिए लेखक या प्लेटफॉर्म ज़िम्मेदार नहीं होगा। यह प्लेटफॉर्म भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्राप्त Right to Freedom of Speech and Expression का पालन करते हुए केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कंपनी समाचार और फाइलिंग्स को आगे साझा करने का कार्य करता है। सटीकता के लिए पूरी सावधानी बरती गई है, लेकिन पूरी तरह से एक्यूरेसी की गारंटी नहीं दी जा सकती। क्रेडिबिलिटी के लिए कंपनी द्वारा जारी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स को ज़रूर चेक करें, जिनका लिंक आर्टिकल में दिया गया है।